ऋग्वेद (मंडल 9)
सोमो॑ अर्षति धर्ण॒सिर्दधा॑न इन्द्रि॒यं रस॑म् । सु॒वीरो॑ अभिशस्ति॒पाः ॥ (५)
सोम विश्व को धारण करने वाले, इंद्रियों की वृद्धि करने वाले, रस धारण करने वाले, शोभन शक्ति से युक्त एवं हिंसा से बचाने वाले हैं. (५)
Soma is the one who holds the world, the enhancer of the senses, the one who possesses the juices, the one who possesses the power of adornment and the protector of violence. (5)