हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.26.3

मंडल 9 → सूक्त 26 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 26
तं वे॒धां मे॒धया॑ह्य॒न्पव॑मान॒मधि॒ द्यवि॑ । ध॒र्ण॒सिं भूरि॑धायसम् ॥ (३)
लोग सबको धारण करने वाले, अनेक कर्मों के कर्ता, विधाता एवं पवित्र होते हुए सोम को स्वर्ग की ओर भेजते हैं. (३)
People send Mon to heaven, wearing all, the doer of many deeds, being vidhata and sanctified. (3)