हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.26.5

मंडल 9 → सूक्त 26 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 26
तं साना॒वधि॑ जा॒मयो॒ हरिं॑ हिन्व॒न्त्यद्रि॑भिः । ह॒र्य॒तं भूरि॑चक्षसम् ॥ (५)
उंगलियां हरे रंग वाले, सुंदर एवं बहुतों को देखने वाले सोम को ऊंचे स्थान की ओर प्रेरित करती हैं. (५)
The fingers inspire the green-colored, beautiful and many-looking Mon towards a higher place. (5)