हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.29.3

मंडल 9 → सूक्त 29 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 29
सु॒षहा॑ सोम॒ तानि॑ ते पुना॒नाय॑ प्रभूवसो । वर्धा॑ समु॒द्रमु॒क्थ्य॑म् ॥ (३)
हे अधिक धन के स्वामी सोम! जब तुम शुद्ध किए जाते हो, जब तुम्हारे तेज शोभा वाले बनते हैं, तब तुम स्तुति योग्य एवं समुद्र तुल्य द्रोणकलश को भरो. (३)
O Mon, lord of more wealth! When you are cleansed, when you become bright beauties, then fill the praiseworthy and sealike Dronakalash. (3)