ऋग्वेद (मंडल 9)
एन्दो॒ पार्थि॑वं र॒यिं दि॒व्यं प॑वस्व॒ धार॑या । द्यु॒मन्तं॒ शुष्म॒मा भ॑र ॥ (६)
हे कुचले जाते हुए सोम! तुम धारा के रूप में नीचे गिरो. स्वर्गीय एवं धरती संबंधी धन के साथ तुम दीप्ति वाला बल लाओ. (६)
O mon crushed! You fall down as the stream. Bring you a force of radiance with the wealth of the heavenly and the earth. (6)