हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.31.2

मंडल 9 → सूक्त 31 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 31
दि॒वस्पृ॑थि॒व्या अधि॒ भवे॑न्दो द्युम्न॒वर्ध॑नः । भवा॒ वाजा॑नां॒ पतिः॑ ॥ (२)
हे अन्नों के स्वामी सोम! तुम झुलोक और धरती संबंधी दीप्तिशाली धन को बढ़ाने वाले बनो. (२)
O Som, lord of the annas! Be the ones who increase the glorious wealth of the jhuloka and the earth. (2)