ऋग्वेद (मंडल 9)
अ॒भि ब्रह्मी॑रनूषत य॒ह्वीरृ॒तस्य॑ मा॒तरः॑ । म॒र्मृ॒ज्यन्ते॑ दि॒वः शिशु॑म् ॥ (५)
स्तोता ब्राह्मण यज्ञ की माताओं के सामने महान् स्तुतियों का उच्चारण कर रहे हैं. द्युलोक के शिशु के समान सोम मसले जा रहे हैं. (५)
Stota Brahmins are chanting great praises in front of the mothers of the yajna. Mon is going to be a matter like the baby of Dulok. (5)