हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.34.2

मंडल 9 → सूक्त 34 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 34
सु॒त इन्द्रा॑य वा॒यवे॒ वरु॑णाय म॒रुद्भ्यः॑ । सोमो॑ अर्षति॒ विष्ण॑वे ॥ (२)
निचोड़े हुए सोम इंद्र, वायु, वरुण, मरुद्गण एवं विष्णु के पास जाते हैं. (२)
The squeezed som goes to Indra, Vayu, Varuna, Marudgana and Vishnu. (2)