हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.4.1

मंडल 9 → सूक्त 4 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 4
सना॑ च सोम॒ जेषि॑ च॒ पव॑मान॒ महि॒ श्रवः॑ । अथा॑ नो॒ वस्य॑सस्कृधि ॥ (१)
हे महान्‌, अन्न एवं पवमान सोम! हमारे यज्ञ में देवों की सेवा करो, शत्रुओं को जीतो एवं हमें श्रेय प्रदान करो. (१)
O great, the food and the powaman som! Serve the gods in our yajna, conquer the enemies and give us credit. (1)