हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.43.1

मंडल 9 → सूक्त 43 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 43
यो अत्य॑ इव मृ॒ज्यते॒ गोभि॒र्मदा॑य हर्य॒तः । तं गी॒र्भिर्वा॑सयामसि ॥ (१)
जो सुंदर सोम चलने वाले घोड़े के समान देवों के नशे के लिए गाय के दूध-दही आदि में मिलाए जाते हैं, स्तुतियों द्वारा हम उन्हीं को प्रसन्न करेंगे. (१)
Those who are mixed in cow's milk-curd, etc., for the intoxication of the gods like a beautiful mon walking horse, we will please them by the praises. (1)