हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.46.5

मंडल 9 → सूक्त 46 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 46
स प॑वस्व धनंजय प्रय॒न्ता राध॑सो म॒हः । अ॒स्मभ्यं॑ सोम गातु॒वित् ॥ (५)
हे शत्रुओं के धनों को जीतने वाले, अभीष्ट मार्ग को प्राप्त कराने वाले एवं हमारे लिए महान्‌ धन के दाता सोम! तुम टपको. (५)
O You who conquers the wealth of enemies, who has attained the desired path and gives us great wealth! You tap. (5)