हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.5.6

मंडल 9 → सूक्त 5 → श्लोक 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 5
सु॒शि॒ल्पे बृ॑ह॒ती म॒ही पव॑मानो वृषण्यति । नक्तो॒षासा॒ न द॑र्श॒ते ॥ (६)
इस समय पवमान सोम शोभनरूप वाली, विशाल, महान्‌ और दर्शन करने योग्य दिवस निशा की अभिलाषा करते हैं. (६)
At this time, Pavman Som wishes nisha a beautiful, huge, great and sightable day. (6)