हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.52.5

मंडल 9 → सूक्त 52 → श्लोक 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 52
श॒तं न॑ इन्द ऊ॒तिभिः॑ स॒हस्रं॑ वा॒ शुची॑नाम् । पव॑स्व मंह॒यद्र॑यिः ॥ (५)
हे धन देने वाले सोम! तुम हमारी रक्षा करने के लिए सैकड़ों हजारों निर्मल धाराओं में बहो. (५)
O mon who gives money! You flow into hundreds of thousands of serene streams to protect us. (5)