हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.61.2

मंडल 9 → सूक्त 61 → श्लोक 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 61
पुरः॑ स॒द्य इ॒त्थाधि॑ये॒ दिवो॑दासाय॒ शम्ब॑रम् । अध॒ त्यं तु॒र्वशं॒ यदु॑म् ॥ (२)
सोमरस ने एक ही दिन में शत्रु नगरियों के स्वामी शंबर, यदु एवं तुर्वश नामक राजाओं को सच्चे कर्म वाले दिवोदास के वश में कर दिया था. (२)
In a single day, Somras had subdued the kings of enemy cities named Shambar, Yadu and Turvash, the masters of enemy cities, to Divodas with true deeds. (2)