हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.61.26

मंडल 9 → सूक्त 61 → श्लोक 26 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 61
म॒हो नो॑ रा॒य आ भ॑र॒ पव॑मान ज॒ही मृधः॑ । रास्वे॑न्दो वी॒रव॒द्यशः॑ ॥ (२६)
हे शुद्ध होते हुए सोम! हमारे लिए महान्‌ धन लाओ, हमें मारने वाले शत्रुओं को मारो तथा हमें संतानयुक्त यश दो. (२६)
O you are pure, Mon! Bring us great wealth, kill the enemies who kill us and give us childlike glory. (26)