ऋग्वेद (मंडल 9)
आ त॑ इन्दो॒ मदा॑य॒ कं पयो॑ दुहन्त्या॒यवः॑ । दे॒वा दे॒वेभ्यो॒ मधु॑ ॥ (२०)
हे सोम! स्तोतागण तुम्हारा मधुर रस देवों के मद के निमित्त दुहते हैं. (२०)
Hey Mon! The psalms milk your sweet juice for the purpose of the gods. (20)
मंडल 9 → सूक्त 62 → श्लोक 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation