हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.63.15

मंडल 9 → सूक्त 63 → श्लोक 15 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 63
सु॒ता इन्द्रा॑य व॒ज्रिणे॒ सोमा॑सो॒ दध्या॑शिरः । प॒वित्र॒मत्य॑क्षरन् ॥ (१५)
वज्रधारी इंद्र के लिए निचोड़े गए एवं गाय के दूध से मिश्रित सोम दशापवित्र को पार करके टपकते हैं. (१५)
Vajradhari crosses the Som Dashapavitra squeezed for Indra and mixed with cow's milk and drips. (15)