ऋग्वेद (मंडल 9)
तमी॑ मृजन्त्या॒यवो॒ हरिं॑ न॒दीषु॑ वा॒जिन॑म् । इन्दु॒मिन्द्रा॑य मत्स॒रम् ॥ (१७)
ऋत्विज् लोग हरे रंग के, शक्तिशाली, नशीले एवं पवित्र हुए उस सोम को इंद्र के लिए जलों में मसलते हैं. (१७)
The ritwija people mash the green, powerful, intoxicating and holy monstrosity in the waters for Indra. (17)