हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.63.7

मंडल 9 → सूक्त 63 → श्लोक 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 63
अ॒या प॑वस्व॒ धार॑या॒ यया॒ सूर्य॒मरो॑चयः । हि॒न्वा॒नो मानु॑षीर॒पः ॥ (७)
हे सोम! तुम उस धारा से नीचे टपको, जिस धारा के द्वारा तुमने मनुष्यों के हितकारक जलों को प्रेरित करते हुए सूर्य को प्रकाशित किया है. (७)
Hey Mon! You fall down from the stream by which you have illuminated the sun, inspiring the waters of man's benefit. (7)