ऋग्वेद (मंडल 9)
त्वं सो॑म॒ सूर॒ एष॑स्तो॒कस्य॑ सा॒ता त॒नूना॑म् । वृ॒णी॒महे॑ स॒ख्याय॑ वृणी॒महे॒ युज्या॑य ॥ (१८)
हे शोभन वीर्य वाले सोम! हमें अन्न एवं पुत्र की संतानें दो. हम मैत्री और सहायता के लिए तुम्हारा वरण करते हैं. (१८)
O Shobhan wale mon! Give us food and the children of the son. We ask you for friendship and help. (18)