ऋग्वेद (मंडल 9)
पव॑मान ऋ॒तं बृ॒हच्छु॒क्रं ज्योति॑रजीजनत् । कृ॒ष्णा तमां॑सि॒ जङ्घ॑नत् ॥ (२४)
पवमान सोम ने काले अंधकार को समाप्त करते हुए सत्यरूप, व्यापक व दीप्तिशाली तेज उत्पन्न किया था. (२४)
Pavman Som had created satyarup, broad and glorious brightness, ending the black darkness. (24)