हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.66.24

मंडल 9 → सूक्त 66 → श्लोक 24 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 66
पव॑मान ऋ॒तं बृ॒हच्छु॒क्रं ज्योति॑रजीजनत् । कृ॒ष्णा तमां॑सि॒ जङ्घ॑नत् ॥ (२४)
पवमान सोम ने काले अंधकार को समाप्त करते हुए सत्यरूप, व्यापक व दीप्तिशाली तेज उत्पन्न किया था. (२४)
Pavman Som had created satyarup, broad and glorious brightness, ending the black darkness. (24)