हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.66.4

मंडल 9 → सूक्त 66 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 66
पव॑स्व ज॒नय॒न्निषो॒ऽभि विश्वा॑नि॒ वार्या॑ । सखा॒ सखि॑भ्य ऊ॒तये॑ ॥ (४)
हे सखा सोम! हम मित्रों की स्तुतियों पर ध्यान देकर हमारी रक्षा के लिए हमें अन्न देते हुए आओ. (४)
O Sakha Mon! Let us pay attention to the praises of our friends and come, giving us food to protect us. (4)