हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.67.14

मंडल 9 → सूक्त 67 → श्लोक 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 67
आ क॒लशे॑षु धावति श्ये॒नो वर्म॒ वि गा॑हते । अ॒भि द्रोणा॒ कनि॑क्रदत् ॥ (१४)
जैसे बाज पक्षी शब्द करता हुआ अपने घोंसले में जाता है, उसी प्रकार छनते हुए सोम शब्द करके द्रोणकलश में जाते हैं. (१४)
Just as the hawk bird goes into its nest with the word 'yam', so the word 'mon' is played by the snort, and goes to dronkalash. (14)