हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.67.29

मंडल 9 → सूक्त 67 → श्लोक 29 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 67
उप॑ प्रि॒यं पनि॑प्नतं॒ युवा॑नमाहुती॒वृध॑म् । अग॑न्म॒ बिभ्र॑तो॒ नमः॑ ॥ (२९)
हम सबको प्रसन्न करने वाले, अधिक शब्दकारी, तरुण, आहुतियों द्वारा बढ़ने वाले सोम के समीप नमस्कार करते हुए जाते हैं. (२९)
We go to the som who pleases all, the more wordy, the younger, the younger, the one who grows up with the ahutis. (29)