ऋग्वेद (मंडल 9)
त्वं सु॑ष्वा॒णो अद्रि॑भिर॒भ्य॑र्ष॒ कनि॑क्रदत् । द्यु॒मन्तं॒ शुष्म॑मुत्त॒मम् ॥ (३)
हे सोम! तुम पत्थरों की सहायता से निचोड़े जाकर शब्द करते हुए द्रोणकलश में आओ तथा दीप्तिशाली उत्तम बल प्राप्त करो. (३)
Hey Mon! You squeeze with the help of stones and speak the words and come to dronakalash and get the glorious best strength. (3)