हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.7.1

मंडल 9 → सूक्त 7 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 7
असृ॑ग्र॒मिन्द॑वः प॒था धर्म॑न्नृ॒तस्य॑ सु॒श्रियः॑ । वि॒दा॒ना अ॑स्य॒ योज॑नम् ॥ (१)
शोभन श्री वाले इंद्र का संबंध जानने वाले सोम कर्म में यज्ञमार्ग से बनाए जाते हैं. (१)
Shobhan Shri wale who knows the relation of Indra are made from the yagnamarga in som karma. (1)