ऋग्वेद (मंडल 9)
अ॒यं नो॑ वि॒द्वान्व॑नवद्वनुष्य॒त इन्दुः॑ स॒त्राचा॒ मन॑सा पुरुष्टु॒तः । इ॒नस्य॒ यः सद॑ने॒ गर्भ॑माद॒धे गवा॑मुरु॒ब्जम॒भ्यर्ष॑ति व्र॒जम् ॥ (४)
बहुत से लोगों द्वारा प्रशंसित व अग्नि की उत्तरवेदी पर वर्तमान सोम हमें मारने वाले शत्रुओं को जानकर मारें. सोम ओषधियों में गर्भ धारण करते हैं एवं हमारी दुधारू गायों के समूह की ओर जाते हैं. (४)
Admired by many people and killed by the present Mon on the North-Vedi of Fire, knowing the enemies who killed us. Som conceives in the herbs and leads to our group of milch cows. (4)