हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.8.3

मंडल 9 → सूक्त 8 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 8
इन्द्र॑स्य सोम॒ राध॑से पुना॒नो हार्दि॑ चोदय । ऋ॒तस्य॒ योनि॑मा॒सद॑म् ॥ (३)
हे सोम! तुम निचुड़ते हुए एवं अभिलषित बनकर इंद्र को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ के प्रमुख स्थान पर बैठो एवं इंद्र को प्रेरित करो. (३)
Hey Mon! Sit at the main place of the yagna to please Indra by being relaxed and desired and inspire Indra. (3)