हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.86.12

मंडल 9 → सूक्त 86 → श्लोक 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 86
अग्रे॒ सिन्धू॑नां॒ पव॑मानो अर्ष॒त्यग्रे॑ वा॒चो अ॑ग्रि॒यो गोषु॑ गच्छति । अग्रे॒ वाज॑स्य भजते महाध॒नं स्वा॑यु॒धः सो॒तृभिः॑ पूयते॒ वृषा॑ ॥ (१२)
पवमान एवं उत्तम सोम जलों, माध्यमिका वाणी एवं किरणों के आगे जाते हैं. शोभन आयुधों वाले एवं वर्षक सोम अन्न पाने के लिए संग्राम करते हैं एवं ऋत्विजों द्वारा निचोड़े जाते हैं. (१२)
The povman and uttam som go before the waters, the secondary voice and the rays. Shobhan ordnance and varshak som struggle to get food and are squeezed by the ritvijas. (12)