हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.86.39

मंडल 9 → सूक्त 86 → श्लोक 39 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 86
गो॒वित्प॑वस्व वसु॒विद्धि॑रण्य॒विद्रे॑तो॒धा इ॑न्दो॒ भुव॑ने॒ष्वर्पि॑तः । त्वं सु॒वीरो॑ असि सोम विश्व॒वित्तं त्वा॒ विप्रा॒ उप॑ गि॒रेम आ॑सते ॥ (३९)
हे गाय! धन और सोना देने वाले तथा जल धारण करने वाले सोम! तुम रस टपकाओ. तुम शोभन शक्ति वाले एवं सबको जानने वाले हो. ये स्तोता स्तुतियों द्वारा तुम्हारी उपासना करते हैं. (३९)
Oh, cow! Mon who gives money and gold and holds water! You spill the juice. You are a strong person and a knower of all. These hymns worship you with praises. (39)