हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.87.3

मंडल 9 → सूक्त 87 → श्लोक 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 87
ऋषि॒र्विप्रः॑ पुरए॒ता जना॑नामृ॒भुर्धीर॑ उ॒शना॒ काव्ये॑न । स चि॑द्विवेद॒ निहि॑तं॒ यदा॑सामपी॒च्यं१॒॑ गुह्यं॒ नाम॒ गोना॑म् ॥ (३)
ऋषि, मेधावी, सबके आगे चलने वाले, दीप्तिशाली एवं धीर उशना अपने स्तोत्रों द्वारा गायों में छिपे हुए एवं गोपनीय दूध को प्राप्त करते हैं. (३)
Rishis, meritorious, forward-to-all, radiant and patient Ushana receive the milk hidden in cows through their hymns. (3)