ऋग्वेद (मंडल 9)
कनि॑क्रन्ति॒ हरि॒रा सृ॒ज्यमा॑नः॒ सीद॒न्वन॑स्य ज॒ठरे॑ पुना॒नः । नृभि॑र्य॒तः कृ॑णुते नि॒र्णिजं॒ गा अतो॑ म॒तीर्ज॑नयत स्व॒धाभिः॑ ॥ (१)
भली प्रकार निचोड़े जाने वाले एवं हरे रंग के सोम बार-बार शब्द करते हैं तथा छनते हुए द्रोणकलश के भीतर बैठकर शब्द करते हैं. ऋत्विजों द्वारा पकड़े गए सोम गाय के दूध आदि को ढकते हुए अपना आकार प्रकट करते हैं. हे स्तोताओ! ऐसे सोम के लिए हव्यों के साथ स्तुतियां अर्पित करो. (१)
The well-squeezed and green mons make the words again and again and sit inside the dronaclash and make the words while filtering. The mons caught by the ritwijas reveal their shape by covering the cow's milk etc. This stotao! Offer praises with havyas for such a mon. (1)