हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.96.4

मंडल 9 → सूक्त 96 → श्लोक 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 96
अजी॑त॒येऽह॑तये पवस्व स्व॒स्तये॑ स॒र्वता॑तये बृह॒ते । तदु॑शन्ति॒ विश्व॑ इ॒मे सखा॑य॒स्तद॒हं व॑श्मि पवमान सोम ॥ (४)
हे सोम! हमारी विजय, अविनाश, अहिंसा एवं यज्ञ के लिए हमारे सामने आओ. मेरे सब मित्र तुम्हारी रक्षा चाहते हैं. हे पवमान सोम! मैं भी तुम्हारी रक्षा चाहता हूं. (४)
Hey Mon! Come before us for our victory, indestructible, non-violence and yajna. All my friends want to protect you. O Pawman Mon! I want to protect you too. (4)