हरि ॐ

ऋग्वेद (Rigved)

ऋग्वेद 9.98.1

मंडल 9 → सूक्त 98 → श्लोक 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

ऋग्वेद (मंडल 9)

ऋग्वेद: | सूक्त: 98
अ॒भि नो॑ वाज॒सात॑मं र॒यिम॑र्ष पुरु॒स्पृह॑म् । इन्दो॑ स॒हस्र॑भर्णसं तुविद्यु॒म्नं वि॑भ्वा॒सह॑म् ॥ (१)
हे दीप्त सोम! हमें पर्याप्त अन्न देने वाला, बहुतों द्वारा अभिलषित, अनेक प्रकार से भरणपोषण करने वाला एवं बड़ों को हराने वाला पुत्र दो. (१)
O bright Mon! Give us a son who gives us enough food, who is loved by many, who sustains in many ways, and who defeats the elders. (1)