सामवेद (अध्याय 10)
अतस्त्वा रयिरभ्ययद्राजानँ सुक्रतो दिवः । सुपर्णो अव्यथी भरत् ॥ (९)
हे सोम! आप सुकर्म करने वाले, धन व शक्तिदाता हैं. आप कभी व्यथित नहीं होते हैं. गरुड़ आप को स्वर्गलोक से पृथ्वीलोक पर लाने की कृपा करें. (९)
O Mon! You are a good deed, a giver of wealth and power. You are never distressed. Garuda, please bring you from heaven to earth. (9)