हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 10.1.9

अध्याय 10 → खंड 1 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 10)

सामवेद: | खंड: 1
अतस्त्वा रयिरभ्ययद्राजानँ सुक्रतो दिवः । सुपर्णो अव्यथी भरत् ॥ (९)
हे सोम! आप सुकर्म करने वाले, धन व शक्तिदाता हैं. आप कभी व्यथित नहीं होते हैं. गरुड़ आप को स्वर्गलोक से पृथ्वीलोक पर लाने की कृपा करें. (९)
O Mon! You are a good deed, a giver of wealth and power. You are never distressed. Garuda, please bring you from heaven to earth. (9)