सामवेद (अध्याय 11)
यस्ते मदो युज्यश्चारुरस्ति येन वृत्राणि हर्यश्व हँसि । स त्वामिन्द्र प्रभूवसो ममत्तु ॥ (२)
हे इंद्र! आप अश्वों के स्वामी व ऐश्वर्यशाली हैं. आप सोमरस पी कर प्रसन्न होइए. आप अपने सुंदर घोड़ों को रथ में जोतिए. आप प्रसन्न हो कर हमारे शत्रुओं का नाश कीजिए. हे इंद्र! आप हमें भी मदमस्त व प्रभावशाली बनाइए. (२)
O Indra! You are the swami of horses and the glorious. Please be happy to drink somers. You plough your beautiful horses in the chariot. Please destroy our enemies. O Indra! You also make us crazy and effective. (2)