सामवेद (अध्याय 11)
स सूनुर्मातरा शुचिर्जातो जाते अरोचयत् । महान्मही ऋतावृधा ॥ (२)
हे सोम! आप सुपुत्र हैं. पृथ्वी आप की माता व अंतरिक्ष आप के पिता हैं. आप अपने मातापिता को सुशोभित करते है और ऋत् (सत्य) से बढ़ोतरी पाते हैं. (२)
O Mon! You are a son. Earth is your mother and space is your father. You adorn your parents and grow from the truth. (2)