हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 12.1.7

अध्याय 12 → खंड 1 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 12)

सामवेद: | खंड: 1
प्र सोमासो अधन्विषुः पवमानास इन्दवः । श्रीणाना अप्सु वृञ्जते ॥ (७)
हे सोम! आप पवित्र व शीतल हैं. आप जल के साथ द्रोणकलश में परस्पर मिश्रित हो रहे हैं. (७)
O Mon! You are pure and cool. You are getting mixed with water in Dronakalsh. (7)