हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 12.6.2

अध्याय 12 → खंड 6 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 12)

सामवेद: | खंड: 6
शुभ्रमन्धो देववातमप्सु धौतं नृभिः सुतम् । स्वदन्ति गावः पयोभिः ॥ (२)
हे सोम! आप शुभ्र हैं और यजमानों द्वारा निचोड़े जाते हैं. आप को श्रेष्ठ जल में मिलाया जाता है. गाएं अपने दूध को सोमरस में मिलाती हैं. अपने दूध से वे गाएं इस को और अधिक स्वादमय बना देती हैं. (२)
O Mon! You are white and squeezed by hosts. You are mixed in the best water. Cows mix their milk in somers. Those cows with their milk make it more flavorful. (2)