सामवेद (अध्याय 12)
उप त्रितस्य पाष्यो३रभक्त यद्गुहा पदम् । यज्ञस्य सप्त धामभिरध प्रियम् ॥ (७)
हे सोम! आप त्रित (महान ऋषि) की गुफा के समीप प्राप्त होते हैं. आप चट्टान की भांति कठोर दो फलकों के बीच से प्राप्त होते हैं. यजमान गायत्री छंद में मंत्र रच कर आप की उपासना करते हैं. (७)
O Mon! You are found near the cave of Trit (great sage). You are found from between two faces as hard as a rock. The host worships you by composing a mantra in Gayatri verses. (7)