हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.1.8

अध्याय 13 → खंड 1 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 1
आ वच्यस्व महि प्सरो वृषेन्दो द्युम्नवत्तमः । आ योनिं धर्णसिः सदः ॥ (८)
हे सोम! आप वीर व प्रकाशमान हैं. आप हमें उत्तम गुण प्रदान करने एवं यज्ञ में अपने निर्धारित स्थान पर पधारने की कृपा कीजिए. (८)
O Mon! You are brave and enlightening. Please give us the best qualities and come to your designated place in the yajna. (8)