हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.3.12

अध्याय 13 → खंड 3 → मंत्र 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 3
इदं वां मदिरं मध्वधुक्षन्नद्रिभिर्नरः । इन्द्राग्नी तस्य बोधतम् ॥ (१२)
हे इंद्र! हे अग्नि! यजमानों ने आप के लिए मददायी मधुर सोमरस तैयार किया है. आप हमारी स्तुतियों पर ध्यान देने की कृपा कीजिए. (१२)
O Indra! O agni! The hosts have prepared a sweet sommy for you. Please pay attention to our praises. (12)