हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.4.3

अध्याय 13 → खंड 4 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 4
रसं ते मित्रो अर्यमा पिबन्तु वरुणः कवे । पवमानस्य मरुतः ॥ (३)
हे सोम! आप विद्वान्‌ हैं. मित्र, वरुण, अर्यमा और मरुद्गण आप के रस को पीने की कृपा करें. (३)
O Mon! You are a scholar. Friends, Varuna, Aryama and Marudagana please drink your juice. (3)