हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.7.1

अध्याय 13 → खंड 7 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 7
अग्ने त्वं नो अन्तम उत त्राता शिवो भुवो वरूथ्यः ॥ (१)
हे अग्नि! आप हमारे समीप रहिए. आप हमारा त्राण (रक्षा) कीजिए. आप हमारे लिए कल्याणकारी होने की कृपा कीजिए. (१)
O agni! You stay close to us. You protect us. Please be a benefactor for us. (1)