हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 13.7.3

अध्याय 13 → खंड 7 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 13)

सामवेद: | खंड: 7
तं त्वा शोचिष्ठ दीदिवः सुम्नाय नूनमीमहे सखिभ्यः ॥ (३)
हे अग्नि! आप दिव्य और प्रकाशमान हैं. हम मित्रों के कल्याण के लिए अच्छे मन से निश्चित रूप से आप की उपासना करते हैं. (३)
O agni! You are divine and luminous. We definitely worship you with a good heart for the welfare of friends. (3)