हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.1.8

अध्याय 14 → खंड 1 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 1
आपानासो विवस्वतो जिन्वन्त उषसो भगम् । सूरा अण्वं वि तन्वते ॥ (८)
सोमरस उषा को तेजस्विनी बनाता है. इंद्र के पीने के लिए सोमरस को परिष्कृत किया जा रहा है. (८)
Someras makes Usha Tejaswini. Someras is being refined for Indra's drinking. (8)