हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.2.1

अध्याय 14 → खंड 2 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 2
असृग्रमिन्दवः पथा धर्मन्नृतस्य सुश्रियः । विदाना अस्य योजना ॥ (१)
हे सोम! आप ऋत्‌ (सत्य) व श्रेष्ठ मार्ग पर चलते हैं. आप यज्ञ व यजमान को भलीभांति जानते हैं. (१)
O Mon! You walk on the path of truth and superior. You know the yajna and the host very well. (1)