हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.2.9

अध्याय 14 → खंड 2 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 2
अस्मभ्यँ रोदसी रयिं मध्वो वाजस्य सातये । श्रवो वसूनि सञ्जितम् ॥ (९)
हे सोम! आप स्वर्गलोक तथा पृथ्वीलोक के स्वामी हैं. हमें आप शक्ति और अपार वैभव प्रदान करने की कृपा कीजिए. हम आप से संचित वैभव पाना चाहते हैं. (९)
O Mon! You are the swami of heaven and earth. Please give us strength and immense glory. We want to get accumulated glory from you. (9)