सामवेद (अध्याय 14)
ता नो वाजवतीरिष आशून्पिपृतमर्वतः । एन्द्रमग्निं च वोढवे ॥ (१२)
हे इंद्र! हे अग्नि! आप हमें बलदायी अन्न और वेगवान घोड़े प्रदान कीजिए ताकि हम उन्नतिशील हो जाएं. (१२)
O Indra! O agni! You give us strong food and fast horses so that we can progress. (12)