हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.3.12

अध्याय 14 → खंड 3 → मंत्र 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 3
ता नो वाजवतीरिष आशून्पिपृतमर्वतः । एन्द्रमग्निं च वोढवे ॥ (१२)
हे इंद्र! हे अग्नि! आप हमें बलदायी अन्न और वेगवान घोड़े प्रदान कीजिए ताकि हम उन्नतिशील हो जाएं. (१२)
O Indra! O agni! You give us strong food and fast horses so that we can progress. (12)