हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 14.6.9

अध्याय 14 → खंड 6 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 14)

सामवेद: | खंड: 6
यत्ते दिक्षु प्रराध्यं मनो अस्ति श्रुतं बृहत् । तेन दृढा चिदद्रिव आ वाजं दर्षि सातये ॥ (९)
हे इंद्र! आप आराधना के योग्य, यशशाली और बहुत विशाल हैं. आप हमें ऐसा धन दीजिए, जिस से हम दृढ़ चित्त वाले हो जाएं. आप हमें सामर्थ्यशाली बनाएं. (९)
O Indra! You are worthy of worship, glorious and very vast. You give us money so that we become strong minded. You make us powerful. (9)